Thursday, March 1, 2012

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इस लम्हे को बस जी ले तू
न आने वाले पल की खबर तू ले
न बीते हुए पल को सोच तू
इस लम्हे को बस जी ले तू

इस पल को मुस्कुराहटो से बस भर दे तू
न बहे हुए आंसुओं का हिसाब तू रख
न खोई हुई खुशिओ की चाह तू रख
इस पल को मुस्कुराहटो से बस भर दे तू 

सामने जो है डगर उस पर बस चल दे तू
न मंजिल को ढूंढ तू
न राह के  पत्थरो  से डर तू 
सामने जो है डगर उस पर बस चल दे तू 

3 comments:

  1. Nice!!!
    "न बहे हुए आंसुओं का हिसाब तू रख
    न खोई हुई खुशिओ की चाह तू रख
    इस पल को मुस्कुराहटो से बस भर दे तू" ...
    Luvd these lines :)...

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  2. जो तेरा जी चाहे, वो कर ले तू,
    करना हो तो आसमां को मुट्ठी में भर ले तू,
    ये जमी भी तेरी है, आसमां भी तेरा,
    चाहे तो सागर के लहरों पर जी भर के चल ले तू,
    बह जा नदी बनकर, इन पर्वतो के बीच से,
    समां जा काले बादलो में, और बरखा की बूंद बन मचल ले तू.

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