Friday, November 11, 2011

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वो आने वाला पल
जो सदियो सा लम्बा है |
व़ो बीती हुई सदिया
जो पल से भी छोटी है |
क्यूँ प्यारी सी वो
बीती हुई कहानी है |
और क्यूँ अलग सा ये
आगामी सफ़र  है |
क्यूँ भाग रहे पीछे
एक मृगतृष्णा के |
और क्यूँ छोड़ रहे
पीछे वास्तुता को |

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